मानवता
बहुत दिलदार होते हैं वो लोग जो खुद से ज़्यादा दूसरों की फ़िक्र करते हैं, उन्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता कोई प्रसिद्धि से ना ही वो कहीं अपना ज़िक्र करते हैं, हर कोई बन जाये उन जैसा तो सबकी ज़िन्दगी हो जाएगी खुशहाल, ऐसे ही कायम कर पाएँगे हम दुनिया पर मानवता की नई मिसाल।। मानवता/इंसानियत वही होती है जिसमें मनुष्य खुद के लिए नहीं बल्कि औरों के हित के विषय में सोचते हैं। मानवता जैसा भाव रखने वाले लोग ही इस समाज को एक-दूसरे के संग जोड़कर रखते हैं। हर एक व्यक्ति को अपने दिल में इंसानियत यानि मानवता जैसे भाव रखने चाहिए। मानवता ऊचाईयों का सबसे पहला कदम माना गया है, इसमें मन की ख़ुशी शामिल होती है, कोई दिखावा नहीं होता। इस दुनिया में बहुत से ऐस...