एकता का मह्त्व

                    अकेले में अक्सर हम अपनी
                                परछाइयों से डर जाते हैं,
                    साथ मिले अगर किसी का 
                                तो हम दुनिया जीत जाते हैं!! 
एकता में ही बल है। जहाँ सब एक-साथ मिल-जुलकर रहें, वहाँ कुछ भी किया जा सकता है। एकता ही सभी शक्तियों का मूल है। परिवार, राष्ट्र, समाज आदि हर जगह पर संगठन बहुत लाभदायक होता है। 

संगठन के होने का बहुत महत्त्व है। एकता बहुत अनमोल है। इसके होते हुए एक निर्बल व्यक्ति भी बलवान हो सकता है और सफलता प्राप्त कर सकता है। एक धागा जल्दी से टूट जाता है, लेकिन अनेक धागों के होने से सारा काम आसानी से हो जाता है। एक बूँद से कुछ नहीं होता या किसी की प्यास नहीं बुझती, लेकिन अनेक बूँदों के होने से नदी बन जाती है, जिससे सभी उसका प्रयोग कर सकते हैं। एक ईंट से कुछ नहीं बनता, लेकिन जब ईंटों को इकट्ठा करते हैं, तो उनसे महल बन जाते हैं। इन उदाहरणों से हम पता लगा सकते हैं कि संगठन में ही शक्ति है। जब हर चीज़ साथ हो, तब सारे नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाते हैं। जब एक परिवार संगठित रहता है, तो वे सब बहुत खुश रहते हैं, सब मिल-जुलकर रहते हैं, उन्हें किसी बात की कोई चिंता नहीं रहती है। एक संयुक्त परिवार ही ऊँचाइओं को छूता है। 
एकता के अभाव में काम पूरा करना असंभव हो जाता है। परिवार में अगर सब साथ मिल-जुलकर न रहें, तो लड़ाइयाँ होती हैं और चोरी, डकैती आदि सब बढ़ जाते हैं। एक साथ रहने में ही सबका भला है, अनेकता में एकता का होना बहुत ज़रूरी है। 
                       "एकता की शक्ति को 
                               जो नहीं समझ पाता है 
                    वह अपने जीवन में कभी भी 
                               आगे नहीं बढ़ पाता है।"

पहले जब सब भारतवासी एक साथ नहीं थे, तब हमारा देश अंग्रेज़ों का गुलाम था, लेकिन जब सब साथ आये, सबने अपने कदम मिलाये, तो हम अंग्रेज़ों को अपने देश से बाहर निकालने में सफल हो पाए। यही संगठन की शक्ति है। अगर संगठन में बल न हुआ, तो कोई भी हमे पागल बनाकर चला जाये लेकिन जब सब साथ मिलकर रहते हैं, तो सामने वाला भी हज़ार बार सोचता है कि इससे पंगा लूँ कि नहीं, फिर वो भी सबको संगठित देखकर भाग जाते हैं। 

एकता एक राष्ट्र के विकास में प्रमुख भूमिका निभाती है। राष्ट्र में भी सबमें एकता का भाव हो, तो वे किसी भी मुसीबत को मात दे सकते हैं। तो अब हम कह सकते हैं कि एकता होने में ही सबका फायदा है। अटूट रहना, एकजुट रहना ही हमारी पहचान और शान है। संगठन की शक्ति के द्वारा ही हम अपने बाहरी तथा आंतरिक शत्रुओं का मुकाबला डटकर कर सकते हैं। अतः हमारा यह कर्त्तव्य है की हम अपने पारिवारिक, राष्ट्रीय एवं सामजिक हित के लिए संगठित होकर रहें। यह बात सच है की संगठित होने पर हम खड़े होंगे, और असंगठित होने पर बिखर जाएंगे। हमारी ताकत एकता में ही निहित है। एकता में रहने से ही हमारी और देश की भलाई है। 

                           एकता बिन होता है 
                              हर कार्य अपूर्ण,
                            इसे अपनाकर करो 
                                देश को पूर्ण।




   

Comments

  1. सत्य वचन 🔥। बहुत सुंदर 👏।

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