अच्छे और सच्चे दोस्त
मित्र हर एक व्यक्ति की ज़िन्दगी में एक अहम हिस्सा निभाता है। एक सच्चे मित्र की पहचान हमारी मुश्किल घड़ी में ही होती है। सच्चा मित्र वो नहीं जो सिर्फ़ हमारी ख़ुशी में ही हमारा साथ दे, सच्चा मित्र तो वो होता है जो कठिनाईओं में भी हमारा साथ ना छोड़े। जब एक व्यक्ति के पास बहुत धन-दौलत, सम्मान, गाड़ी आदि सब सहूलतें हो, तो उसके अनेक मित्र होते हैं, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर हमेशा देखा जाता है की इतने सारो में से सिर्फ़ एक या दो ही सच्चे दोस्त होते हैं जो हमेशा साथ रहते हैं, चाहे कुछ भी हो जाये। जिन्हें दोस्ती की कीमत पता होती है, वे कभी भी हमारे साथ विश्वसघात नहीं करेंगे।
कहा जाता है कि एक वफादार दोस्त हज़ार रिश्तेदारों से बेहतर होता है। सच्चा मित्र हमे गलत काम करने से रोकता है और अच्छी बातें बताता है। वो दोस्त नहीं जो पीठ पीछे आपकी बुराई करे, दोस्त तो वे होते हैं जो आपके मुँह पर आपकी हर बात करते हैं और हमे हमेशा अच्छे और बुरे की पहचान करवाते हैं जिससे फिर सब ठीक हो जाता है। सच्चे दोस्त वे होते हैं -
जिससे बात करने से ही मुँह पर मुस्कान आ जाए!
जिससे बात करने से हम अपनी परेशानियाँ भूल जाएँ!
जिससे बात करने से हमारा मन हलका हो जाये!
सच्चा मित्र कभी भी हमें मुश्किल में नहीं देख सकता है, वे कोई ना कोई समाधान या हल ज़रूर निकालेगा जिससे हम अच्छा महसूस करने लग जाते हैं और अपने दुख को भूल जाते हैं। सच्चा दोस्त वे होता है जो हमारे उदास चेहरे को देखकर या हमारी बातों से ही पहचान लेता है की कुछ तो ठीक नहीं है, और फिर हमारी उस उदासी को वे कुछ ही पलों में ख़ुशी में बदल देते हैं और हमे बिना मन के भी फिर हँसा देते हैं- यही सच्ची दोस्ती की शक्ति है।
वक़्त और हालात हमेशा बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छे रिश्ते और अच्छे दोस्त कभी भी नहीं बदलते। सच्ची दोस्ती वो नहीं होती जो हर किसी से हो जाती है, सच्ची दोस्ती तो वो होती है जिसके होने से अपना सा महसूस हो।
सच्चा दोस्त आगे-पीछे कभी बात करे या ना करे, लेकिन मुसीबत के समय सब साथ छोड़ देंगे, लेकिन वह उस वक़्त हमारी सबसे ज़्यादा मदद करेगा और हमें उस परेशानी से दूर करेगा। कहा जाता है की दोस्ती खून का रिश्ता नही होती, लेकिन यह भी सच है कि दोस्ती खून के रिश्ते से कम भी नहीं होती। दोस्त तो बहुत बन जाते हैं, लेकिन अच्छा और सच्चा तो एक ही होता है जो किसी भी स्तिथि में हमे अकेला महसूस नहीं होने देता। दोस्ती की मिसाल भी वही होते हैं, जब एक दोस्त दूसरे की कठिनाई के समय काम आये क्यूंकि मुसीबत के समय ही मित्र की परख होती है। सच्चे दोस्त मिलने आज के समय में बहुत मुश्किल हो गए हैं, इसलिए जिनके पास हैं वो उन्हें हीरे/मोती की तरह संभाल के रखें क्यूंकि वो बहुत अनमोल हैं। हमेशा साथ देने वाला ही सच्चा मित्र दोस्ती की आन-बान-शान बनता है।
दौर-ऐ-गर्दिश में भी,
जीने का मज़ा देते हैं...
चंद दोस्त हैं जो वीरानों में भी,
महफ़िल सजा देते हैं...
सुनाई देती है अपनी हँसी,
उनकी बातों में...
दोस्त ही अक्सर,
जीने की वजह देते हैं...
अति सुंदर । एकदम सच लिखा है। बहुत खूब। Keep it up.
ReplyDeleteThankyou so much😇
DeleteWell described☺️😌❤️
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