हँसना सबसे अच्छी दवा है

              "मुस्कान" है जीवन का अनमोल खजाना,
                    मुस्कान से बनता है जीवन सुहाना, 
                    सफलता का एक सूत्र याद रखना, 
         चाहे कुछ भी हो जाये अपनी मुस्कान मत गवाना!!

आज सबका जीवन बहुत जटिल, कठिन और तनावपूर्ण हो गया है। ऐसे में कोई तो होना चाहिए जो हमें हमेशा हर स्तिथि में हँसाता रहे। आज देखा जाता है कि लोग ज़रा से परेशान हो तो, आत्महत्या कर लेते हैं। इससे पता चलता है कि अब लोग कितने ज़्यादा कमज़ोर हो गए हैं, ज़रा-सा निराश हुए नहीं कि मौत को गले लगा लिया। ऐसी ज़िंदगी जीने का फिर फ़ायदा ही क्या, जिसमें ना कोई मौज-मस्ती और ना ही कोई मज़ाक। ये तो फिर एक ज़बरदस्ती की ज़िंदगी ही हो गयी इसीलिए हँसना हमारे लिए बेहद उपयोगी और लाभदायक होता है। 

एक हँसता हुआ चेहरा और स्माइलिंग फेस देखने को सब तरसते हैं। जो हस्ते रहते है ना, उन्हें मिलते ही या उन्हें देखते ही सकारात्मक विचारें आने लग जाती हैं और हम फिर अपना सारा दुःख भूल जाते हैं। उनसे मिलते ही बहुत अच्छा लगने लगता है, हमारे अंदर ताज़ग़ी-सी आ जाती है। आज की इस तनावपूर्ण, चिंताजनक ज़िंदगी में सब निराश व उदास रहते हैं। इस स्तिथि में अगर कोई हमें हँसा दे तो सब अच्छा और ठीक हो जाता है। देखो, मुश्किलें और परेशानियाँ हर किसी के जीवन का आज एक हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन अगर हम यही सोचते रहे या उदास रहे, तो इसमें हमारा खुद का ही नुकसान है और इससे हमारी सेहत पर ही बुरा असर पड़ेगा और अगर यही परेशानी का हमने हँसते हुए सामना किया तो फिर समाधान अपने आप ही निकल जाता है। एक बात तो है कि जो लोग हमेशा मुस्कुराते रहते हैं, उनके पास हर मुश्किल का समाधान होता है क्योंकि वे कभी हार नहीं मानते और अपनी परेशानी को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते हैं। जो व्यक्ति हमेशा हँसता रहता है, वह हमेशा सुखी जीवन जीता है क्योंकि वे कभी भी किसी बात की चिंता नहीं करते और हर काम को सहज तथा ठन्डे दिमाग से करते हैं।
                 
हँसना हमारे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की लिए बहुत ही ज़्यादा लाभदायक होता है। इससे डिप्रेशन, मानसिक तनाव, सर दर्द, बदन दर्द, चिंता, चिढ़चिढ़ा व्यवहार, मांसपेशियों का दर्द आदि सब दूर हो जाता है। हँसना एक दर्द निवारक दवा है और एक अच्छा व्यायाम भी है। ज़ोर-ज़ोर से हँसने से हमारे दिल की अच्छी कसरत हो जाती है। इससे हमारी हार्ट बीट २०% तक बढ़ जाती है। हार्ट अटैक का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में कम रहता है। हँसने से हमे नई ऊर्जा मिलती है, फेफड़ों की कसरत हो जाती है और रक्तचाप सामान्य हो जाता है। यह माना जाता है कि हँसमुख स्वभाव के लोग दूसरो के मुकाबले कम बीमार पड़ते है।
                     
                       "हमेशा हँसते रहिये, 
                   एक दिन ज़िन्दगी भी आपको 
            परेशान करते करते ........थक जाएगी!!"

हँसने के दौरान हमारा आत्मविश्वास बढ़ जाता है और सामने वाले पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हँसने से हमारा देखने का नज़रिया सकारात्मक हो जाता है। अकसर जो लोग गंभीर या खामोश रहते हैं, जो बिलकुल भी हँसमुख नहीं होते, वो छोटी सी समस्या आने पर परेशान हो जाते हैं। और जो लोग हमेशा हँसते और मुस्कुराते रहते हैं, वे बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी आसानी से निकाल लेते हैं। इसीलिये सभी को खुश रहना चाहिए। हँसना, मुस्कुराना ईश्वरीय वरदान है। आजकल लाफ थेरेपी भी बहुत प्रचलित है, इससे काफ़ी फायदा होता है। हँसने से हमारे चेहरे की चमक बढ़ती है। व्यक्ति और अधिक जवान और खूबसूरत, युवा लगता है और रोज़ हँसने से बढ़ती उम्र भी रुक जाती है। जो लोग सोने से पहले खूब हँसते हैं या फिर खुशी-खुशी सोते हैं, उन्हें अच्छी नींद आती है। इसीलिए किसी को भी हँसने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहिए। 
                       उदासियों की वजह तो
                          बहुत है ज़िंदगी में, 
                  पर ........बेवजह खुश रहने का 
                         मज़ा ही कुछ और है .....

अब यह तो सिद्ध हो जाता है कि 'हँसना' हम सबके लिए कितना ज़रूरी है। डॉक्टरों के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए  तीन चीज़ों की ज़रूरत होती है- संतुलित भोजन, मन की शांति और खुलकर हँसना। शायद इसीलिए यह कहावत बनी है कि "हँसना सबसे अच्छी दवा है"। हमे नहीं पता कि हमारा कितना जीवन रहता है, तो अगर हम हर एक पल को खुशी से या हँसकर गुज़ारेंगे, तो बहुत अच्छा लगेगा और आनंद मिलेगा। हर हाल में जो खुश रहता है, वही कामयाब होता है। और किसी उदास व्यक्ति को हँसाना तो सबसे बड़ा पुण्य का काम होता है। अपनी खुशी में दूसरों को शामिल करेंगे तो हमेशा ही तरक्की पाएंगे। इसीलिए हमेशा हँसते रहें, मुस्कुराते रहें और खुश रहें।
                    
                       "जीवन में मुश्किलें तमाम हैं, 
                          फिर भी लबों पे मुस्कान है,
                        क्योंकि जीना हर हाल में है, 
                 तो मुस्कुराकर जीने में क्या नुकसान है।"

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